पंजाब और हरियाणा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। राज्य के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार और धारुहेड़ा जैसे शहरों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है, जबकि पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वायु प्रदूषण के इस बढ़ते खतरे ने प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के कई शहरों में AQI 350 से ऊपर पहुंच गया है, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। वहीं, पंजाब के कई इलाकों में भी वायु गुणवत्ता “खराब” दर्ज की गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सुबह और शाम के समय धुंध की मोटी परत शहरों पर छा जाती है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों में सांस और एलर्जी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार प्रदूषण का स्तर सिर्फ पराली जलाने के कारण नहीं बढ़ा है। हालांकि पंजाब में इस सीजन में पराली जलाने के कुछ मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या काफी कम है। इसके बावजूद प्रदूषण में कमी नहीं आई, क्योंकि औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और मौसम की स्थिरता ने मिलकर हवा को और जहरीला बना दिया है। हवा की गति बेहद धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक ठहर रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ सकती है, खासकर अगर तापमान में गिरावट और कोहरा बढ़ा तो। इसके चलते धूल और धुएं के कण जमीन के पास ही जमा रहेंगे और लोगों के स्वास्थ्य पर और बुरा असर डालेंगे। कई जगह प्रशासन ने निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाने और औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे समय में लोगों को बाहर निकलने से बचना चाहिए, खासकर सुबह और रात के समय जब धुंध सबसे ज्यादा होती है। जिन लोगों को सांस या दिल की बीमारी है, उन्हें N95 मास्क का उपयोग करना चाहिए और घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा। बच्चों और बुजुर्गों को खुले में खेलने या टहलने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर पंजाब और हरियाणा में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है और हालात चिंताजनक हैं। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद हवा में मौजूद धूल, धुआं और जहरीले तत्व कम नहीं हो रहे। अगर जल्द ही प्रदूषण पर सख्त नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है और आने वाले दिनों में लोगों के स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर देखने को मिलेगा।
