हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। राज्य के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शनिवार के बाद से मौसम का मिजाज बदल सकता है। इस दौरान शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं।
वर्तमान में हिमाचल के अधिकांश इलाकों में दिन के तापमान में हल्की वृद्धि देखी जा रही थी, लेकिन जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ राज्य में प्रवेश करेगा, ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है। शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों में न्यूनतम तापमान एक बार फिर सर्दी के स्तर पर पहुंच सकता है। वहीं, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में बर्फबारी के चलते ठंड का असर और बढ़ जाएगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि इससे रबी फसलों के लिए नमी बढ़ेगी और मिट्टी की ऊपरी परत में नमी बनी रहेगी। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से यातायात प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा। लाहौल-स्पीति, रोहतांग और कुंजुम दर्रे के आस-पास के क्षेत्रों में सड़कों पर बर्फ जमने की संभावना के चलते प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मंडी, बिलासपुर और सोलन जैसे मध्य पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे सुबह और रात के तापमान में तेज गिरावट महसूस की जाएगी। वहीं, मैदानी जिलों जैसे ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में भी बादल छाने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 27 अक्टूबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छा जाएंगे और 28 से 30 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना रहेगी।
पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य लें और आवश्यक सावधानियां बरतें। प्रशासन ने भी आपदा नियंत्रण केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में सर्दियों की दस्तक तेज़ हो गई है और लोग अब गर्म कपड़े निकालने लगे हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि हिमाचल में आने वाले दिनों में बारिश और ठंडी हवाओं के साथ मौसम का रुख पूरी तरह बदल जाएगा, और राज्य एक बार फिर सर्दी की ठिठुरन महसूस करने लगेगा।
