हिमाचल में बारिश और बर्फबारी से गिरा तापमान, इस दिन से फिर से बिगड़ेगा मौसम, जानें अपडेट

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश के चलते तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जिलों के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में गुरुवार रात से लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि शिमला, मनाली और धर्मशाला में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। लाहौल-स्पीति के ताबो और काजा जैसे इलाकों में पारा शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। अचानक आई ठंड से लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है और पर्यटकों को भी गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।


राजधानी शिमला में तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं मनाली में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण पर्यटकों की भीड़ के बीच ठंड ने दस्तक दे दी है। ऊंचे इलाकों में बर्फ की चादर बिछने लगी है, जिससे दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह ठंड का आगाज मुश्किलें भी लेकर आया है। खेतों में काम करने वाले किसान और बागवान अब ठंड से बचाव की तैयारियों में जुट गए हैं, ताकि बर्फबारी से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राज्य में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके कारण 22 और 23 अक्टूबर को हिमाचल के अधिकांश हिस्सों में मौसम फिर से बिगड़ने की संभावना है। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा और कांगड़ा जिलों में भारी बर्फबारी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

विभाग का अनुमान है कि 24 अक्टूबर से धीरे-धीरे मौसम में सुधार शुरू होगा, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस में जा सकता है, जिससे सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड पड़ेगी। वहीं मैदानी इलाकों जैसे ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में भी ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। इन जिलों में रात का तापमान 10 से 12 डिग्री तक पहुंच गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह हिमाचल में सर्दियों की शुरुआती दस्तक है। आने वाले हफ्तों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी और नवंबर से पहले ही ठंड बढ़ने लगेगी। इस बार पहाड़ों पर सामान्य से पहले बर्फबारी होने के संकेत मिल रहे हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र तो बनेगी, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह कठिनाइयां भी बढ़ा सकती है।

स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने कहा है कि ऊंचाई वाले इलाकों जैसे रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजुम पास और किन्नौर की ऊपरी घाटियों की यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लें और आवश्यक सावधानियां बरतें। बर्फबारी के कारण कई सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

वहीं पर्यटन विभाग ने भी बताया कि आने वाले दिनों में मनाली, शिमला और नारकंडा जैसे स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ सकती है, लेकिन मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों को सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट ने सर्दी का आगाज कर दिया है। आने वाले दिनों में जब पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय होगा, तब मौसम एक बार फिर करवट लेगा और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा। फिलहाल हिमाचल में मौसम सुहावना जरूर है, लेकिन ठंड का असर अब हर दिन बढ़ता जा रहा है।

पिछला लेख
छठ महापर्व पर दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान – “घाटों पर होगी पुष्प वर्षा”, CM रेखा गुप्ता ने दी विशेष तैयारियों की जानकारी
अगला लेख
पंजाब में सुबह-सुबह बड़ा धमाका, जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे मजदूर

इस विषय से संबंधित:

Toggle Dark Mode