हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार रात छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प ने माहौल गर्मा दिया। जानकारी के मुताबिक, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) के कुछ छात्र और राजकीय कॉलेज संजौली के विद्यार्थियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई और पत्थरबाजी तक पहुंच गई। इस घटना में कम से कम छह छात्र घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
झड़प के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए बल का प्रयोग किया और दोनों पक्षों को तितर-बितर किया। पुलिस ने बताया कि झगड़ा रात करीब 9 बजे शुरू हुआ, जब कुछ छात्र शहर के लक्कड़ बाजार क्षेत्र में एक कैफे के बाहर आपस में भिड़ गए। पहले मामूली बहस हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में झगड़ा उग्र हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों संस्थानों के छात्र पहले भी कई बार आपसी प्रतिस्पर्धा और सोशल मीडिया पर टिप्पणियों को लेकर भिड़ चुके हैं। लेकिन इस बार विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लड़ाई में लोहे की रॉड, लकड़ी के डंडे और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। घटना की सूचना मिलते ही लक्कड़ बाजार पुलिस थाना और Sadar थाना की टीम मौके पर पहुंची और कई छात्रों को हिरासत में लिया।
घायल छात्रों को तुरंत IGMC अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि छह छात्र घायल हैं, जिनमें दो की हालत चिंताजनक है लेकिन वे खतरे से बाहर हैं।
पुलिस ने बताया कि मौके से कुछ संदिग्ध वस्तुएं और मोबाइल फुटेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों कॉलेजों के 10 से अधिक छात्रों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामला दर्ज कर लिया गया है।
शिमला के एसपी सिटी रमेश शर्मा ने कहा कि “स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को शहर में अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों संस्थानों के प्रशासन को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपने छात्रों पर निगरानी रखें और किसी भी अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इस घटना के बाद शिमला के प्रमुख कॉलेजों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने शहर के प्रमुख छात्रावासों और आस-पास के क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी है ताकि किसी प्रकार की दोबारा झड़प न हो।
कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि वे इस मामले की जांच के लिए आंतरिक अनुशासन समिति बनाएंगे और दोषी पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी अपने छात्रों को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की हिंसा में शामिल पाए जाने पर निलंबन किया जाएगा।
इस घटना से शिमला का शैक्षणिक माहौल एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। पिछले कुछ महीनों से राजधानी के कॉलेजों में छात्रों के बीच तनाव की घटनाएं बढ़ी हैं। स्थानीय लोग और अभिभावक दोनों चिंतित हैं कि छोटे विवाद अब हिंसा का रूप क्यों ले रहे हैं।
रात भर चली जांच के बाद पुलिस ने कुछ छात्रों की पहचान की है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ संदेश फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
मंगलवार सुबह तक शहर में शांति बनी रही, लेकिन सुरक्षा एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल को IGMC, संजौली कॉलेज और मॉल रोड इलाके में तैनात किया गया है।
निष्कर्ष
शिमला जैसे शांत शहर में छात्रों के बीच हुई यह हिंसक झड़प प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है। कॉलेजों में बढ़ते गुटबाज़ी के रुझान और आपसी प्रतिस्पर्धा अब हिंसक रूप ले रहे हैं, जो शिक्षा के मूल उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है, लेकिन इस घटना ने शहर की शांति और छात्रों की छवि दोनों पर गहरी चोट छोड़ी है।
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