Hamirpur (Himachal) News: अवाहदेवी मंदिर में माता की मूर्ति से नथ चोरी

हमीरपुर के अवाहदेवी मंदिर में पुजारी पर चोरी का आरोप, मंदिर कमेटी ने दी नथ लौटाने की दो दिन की मोहलत
माता की मूर्ति से सोने की नथ गायब, कमेटी ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

अवाहदेवी (हमीरपुर)। जालपा माता मंदिर, अवाहदेवी में एक चढ़ावे की सोने की नथ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर की मूर्ति से पुरानी नथ गायब होने और पुजारी पर चोरी का आरोप लगने के बाद मंदिर कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पुजारी को दो दिन के भीतर नथ लौटाने का अल्टीमेटम दिया है।

मामला 1 जुलाई का है, जब एक श्रद्धालु ने माता की मूर्ति के लिए सोने की नई नथ भेंट स्वरूप चढ़ाई थी। मंदिर में सेवाएं दे रहे पुजारी ने नई नथ को मूर्ति पर चढ़ाया और पुरानी नथ को अपने घर ले गया

शाम को आरती के समय मंदिर में तैनात वेतनभोगी पुजारी ने जब मूर्ति को देखा तो नथ में बदलाव पाया और तुरंत इस बात की सूचना मंदिर कमेटी को दी।

पुजारी ने नथ ले जाने की बात स्वीकारी

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद गुलेरिया ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुजारी ने स्वयं यह स्वीकार किया कि उसने पुरानी नथ को अपने घर ले जाकर रख लिया है और नई नथ को मूर्ति पर चढ़ा दिया है।

पुजारी का कहना है कि मंदिर में चढ़ाई गई भेंट पर उसका अधिकार है। लेकिन जब मंदिर कमेटी ने पुरानी नथ को लौटाने की बात कही तो उसने इंकार कर दिया और घर चला गया।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मंदिर कमेटी ने पुजारी को दो दिन का समय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि नथ वापस नहीं की गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर प्रशासन की ओर से इस प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है और आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने की अपील की गई है।

अवाहदेवी जालपा माता मंदिर में नथ विवाद गहराया, पुजारी को दो दिन की मोहलत, न लौटाने पर दर्ज होगी FIR
आपात बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पुजारी के व्यवहार को बताया अनुचित, मंदिर की गरिमा पर सवाल

अवाहदेवी (हमीरपुर)। हमीरपुर और मंडी जिलों की आस्था के प्रमुख केंद्र जालपा माता मंदिर में चढ़ावे की सोने की नथ को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। मंदिर कमेटी द्वारा पुजारी को दो दिन का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद भी जब पुजारी ने नथ लौटाने से इंकार किया, तो आपात बैठक बुलाकर कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद गुलेरिया की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक में स्थानीय पंचायत के प्रधान देशराज चंदेल और उपप्रधान अनिल कटोच भी उपस्थित रहे। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पुजारी के इस कृत्य को मंदिर की गरिमा के खिलाफ करार देते हुए उसे गंभीर अनुशासनहीनता बताया।

बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि पुजारी दो दिन के भीतर नथ वापस नहीं करता, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

मंदिर की आस्था पर संकट

गौरतलब है कि यह मंदिर हमीरपुर और मंडी जिलों के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां दोनों जिलों के पुजारी नियुक्त हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र के श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं।

पुजारी द्वारा माता की मूर्ति से पुरानी नथ हटाकर अपने घर ले जाने और फिर उसे लौटाने से इनकार करने को श्रद्धालु बेहद आस्थाविरोधी और आपत्तिजनक मान रहे हैं।

कमेटी सख्त रुख पर कायम

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद गुलेरिया ने कहा कि “हम मंदिर की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की भावना के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। पुजारी को स्पष्ट रूप से दो दिन का समय दिया गया है। यदि वह नथ मंदिर में नहीं लौटाता, तो कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

मामले ने स्थानीय धार्मिक वातावरण में तनाव का माहौल बना दिया है। श्रद्धालु और ग्रामीणजन भी इस विवाद को लेकर पुजारी से नाराज़ हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुजारी तय समय में नथ लौटाता है या मामला थाने तक पहुंचता है।

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