हिमाचल के कांगड़ा में बड़ा हादसा: गैस सिलिंडर से भरा टेंपो पलटने से चालक की दर्दनाक मौत, दो कर्मचारी घायल
ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा, मौके पर मची अफरा-तफरी; प्रशासन ने मृतक के परिजनों को दी ₹25,000 की फौरी राहत
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सड़क सुरक्षा और वाहन मरम्मत की अनदेखी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। ग्राम पंचायत ढौंटा के अंतर्गत फरेड़ गांव में सोमवार सुबह एक गैस सिलिंडरों से भरा टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हृदयविदारक हादसे में टेंपो चालक दीपचंद पुत्र गुट्टू राम, निवासी जालंधर लाहड़ (करियाड़ा) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टेंपो में सवार गैस एजेंसी के दो कर्मचारी घायल हो गए।
दैनिक ड्यूटी पर था टेंपो, अचानक हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरा स्थित एक गैस एजेंसी से रोज़ की तरह सिलिंडर सप्लाई का टेंपो रवाना हुआ था। वाहन में तीन लोग सवार थे — चालक दीपचंद, और दो कर्मचारी दविंद्र सिंह उर्फ पिंटू (नैहरनपुखर) व कमल सिंह। जब टेंपो फरेड़ गांव के पास एक मोड़ पर पहुंचा, उसी दौरान अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
मौके पर ही गई चालक की जान, घायलों का देहरा अस्पताल में इलाज
हादसा इतना भीषण था कि टेंपो चालक दीपचंद की मौके पर ही मौत हो गई। टेंपो में भरे गैस सिलिंडर चारों ओर बिखर गए। हादसे के बाद आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायल कर्मचारियों को तुरंत सिविल अस्पताल देहरा में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचा, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही मोइन थाना से पुलिस मौके पर पहुंची। एसएचओ के नेतृत्व में टीम ने मौके का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसे की प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होना मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
प्रशासन ने दी आर्थिक सहायता, फौरी राहत का ऐलान
घटना की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार डाडासीबा बीरबल सिंह ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को ₹25,000 की फौरी राहत राशि प्रदान की। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को सभी संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एसपी देहरा ने कहा — हादसे की गहन जांच जारी
एसपी देहरा मयंक चौधरी ने बताया कि पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। तकनीकी कारणों के साथ-साथ टेंपो की फिटनेस, ब्रेक सिस्टम और एजेंसी की जवाबदेही भी जांच के दायरे में है।
बड़ा सवाल: क्या संवेदनशील माल ढोने वाले वाहनों की हो रही सही जांच?
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या गैस सिलिंडर जैसे संवेदनशील और ज्वलनशील पदार्थों को ढोने वाले वाणिज्यिक वाहनों की समय-समय पर जांच की जा रही है? क्या पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाले ऐसे वाहनों के लिए कोई विशेष सुरक्षा मानक तय हैं और उनका पालन हो रहा है?
मौसम की भूमिका भी अहम
प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भी सड़कों की हालत बिगाड़ दी है। फिसलन, मिट्टी कटाव और ब्रेक फेल जैसे हादसे लगातार हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह सड़क सुरक्षा, ड्राइवर ट्रेनिंग और वाहन फिटनेस जैसे पहलुओं पर गंभीरता से ध्यान दे।
