Himachal: सुक्खू बोले- आपदा से 1000 करोड़ का नुकसान, राज्य की ऋण सीमा बढ़ाए केंद्र सरकार; आज शाह से मिलेंगे CM

मुख्यमंत्री सुक्खू की केंद्र से विशेष आपदा पैकेज की मांग, अमित शाह से मंगलवार को मुलाकात

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और राज्य के लिए विशेष आपदा पैकेज की मांग करेंगे। इससे पहले सोमवार को उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की और हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष वित्तीय सहायता की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री का उद्देश्य राज्य में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए केंद्र से मदद प्राप्त करना है।

प्राकृतिक आपदा से नुकसान के बीच सीएम सुक्खू ने वित्त मंत्री से मांगी विशेष मदद, ऋण सीमा बढ़ाने का आग्रह

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के कारण हुए भारी नुकसान के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के लिए विशेष आर्थिक सहायता की मांग की और प्रदेश की ऋण सीमा बढ़ाने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी बारिश के चलते प्रदेश को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

सीएम सुक्खू ने केंद्र से मांगी सहायता, हवाई संपर्क और आपदा पैकेज को लेकर की मंत्रियों से मुलाकात

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के लिए सहायता की मांग उठाई और राज्य से जुड़े लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने पर बात की। मुख्यमंत्री मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और प्रदेश के लिए विशेष आपदा पैकेज की मांग करेंगे।

सीतारमण से भेंट के बाद बोले सीएम सुक्खू: प्रशासनिक सुधारों पर मिलेगी केंद्र की मदद, अतिरिक्त ऋण संभव नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बैठक के दौरान आपदा से हुए नुकसान और राज्य की वित्तीय जरूरतों पर चर्चा हुई। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार लागू करती है तो प्रक्रिया के अनुसार केंद्र सरकार सहयोग करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य को अतिरिक्त ऋण नहीं दे रही है और अब तक किसी राज्य को ऐसा ऋण प्रदान नहीं किया गया है।

सीएम सुक्खू ने उड्डयन मंत्री से की मुलाकात, शिमला-धर्मशाला रूट पर नियमित उड़ानों और नाइट लैंडिंग की मांग

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर हिमाचल प्रदेश के हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने दिल्ली-शिमला-धर्मशाला और धर्मशाला-शिमला-दिल्ली उड़ानों का संचालन नियमित रूप से करने का आग्रह किया, जो फिलहाल सप्ताह में केवल तीन दिन हो रही हैं। सीएम ने कहा कि नियमित उड़ानों के अभाव में पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने धर्मशाला हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू करने का भी अनुरोध किया।

कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार और नए हेलिपोर्ट निर्माण को लेकर सीएम सुक्खू ने की विशेष सहायता की मांग

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात के दौरान कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की अधिक लागत को देखते हुए केंद्र सरकार से विशेष सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। सीएम ने बताया कि इस मुद्दे पर वे पूर्व में प्रधानमंत्री से भी चर्चा कर चुके हैं और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सहयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे के विस्तार से क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हवाई संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार नए हेलिपोर्ट के निर्माण की मांग भी रखी। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान आवासीय आयुक्त सुशील कुमार सिंगला और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

शिमला एयरपोर्ट विस्तार और डॉर्नियर विमानों के संचालन का सीएम सुक्खू ने दिया प्रस्ताव

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर भी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से चर्चा की। उन्होंने एयरपोर्ट की वॉच ऑवर की समयसीमा को दोपहर 1 बजे से आगे बढ़ाने का आग्रह किया ताकि अधिक उड़ानों का संचालन संभव हो सके। मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर शिमला में डॉर्नियर विमानों के संचालन का भी प्रस्ताव दिया। साथ ही उन्होंने शिमला के लिए अतिरिक्त एयरलाइन ऑपरेटर की सेवाएं शुरू करने और उन्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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