पंजाब से श्रद्धालु 250 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर बाबा की नगरी में पहुंचे। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल वे नंगे पांव इस कठिन यात्रा को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं। इस दौरान रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोग भी इन श्रद्धालुओं का स्वागत करते हैं और सेवा भाव से जल, भोजन व विश्राम की व्यवस्था करते हैं। बाबा की नगरी पहुंचते ही श्रद्धालुओं के चेहरे पर अपार खुशी और संतोष देखने को मिला।
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